Saturday, November 15, 2008

२४ घंटे, जो ख़त्म होता सा ना दिखे

शुरु से शुरु करते हैं.. पहले मैं हरेक दूसरे हफ्ते या हर हफ्ते बैंगलोर जाया करता था.. पर इस बीच में हालत कुछ ऐसे हो गए कि मैं लगभग एक-दो महीनों से बैंगलोर नहीं जा सका.. पिछले हफ्ते किसी तरह मौका निकाल कर मैंने बैंगलोर जाने का मन बनाया और शुक्रवार को निकल पड़ा बैंगलोर के लिए.. अक्सर मैं ऑफिस से ही निकला करता था लेकिन उस दिन मैं ऑफिस से घर आया फिर घर से निकला.. घर से निकलते ही मुझे अपने आस पास के चीज़ों पर से कण्ट्रोल ख़तम होता सा लगाने लगा.. ऐसा मुझे काफी बाद मैं पता चला.. खैर!! घर से निकलते ही लिफ्ट के पास पहुंचा.. बटन दबाया.. पर लिफ्ट काम नहीं कर रहा था.. ऐसा अक्सर होता है.. इसलिए मैं सीढियों से नीचे गया..
फिर बारी आई ऑटो लेने कि.. जिस भी ऑटो वाले से पूछो कोई ८०-९० रूपये से कम बोल नहीं रहा था.. मेरे घर से कोयम्बेदु(चेन्नई इंटर सिटी बस स्टैंड) तक का साधारण किराया ४० रूपया है.. मैंने लगभग १० ऑटो छोडे फिर जाकर एक ऑटो वाले ने ४५ रूपये में मुझे कोयुम्बेदु पहुंचाया.. अब यहाँ सबसे पहले मुझे वापसी का टिकट लेना था.. आमतौर से मैं वापसी का टिकट बैंगलोर से चेन्नई ले लेता हूँ जिससे आते समय कोई दिक्कत ना हो.. और जाने का टिकट वहीँ लेता हूँ.. इसके लिए मुझे ATM से पैसा निकालना था.. अभी तक ज्यादा कुछ नहीं हुआ था.. खैर जब ATM के पास गया तो पता चला ATM ख़राब है.. मेरे पास सिर्फ १०० रूपये थे.. मुझे हर हालत में पैसा निकालने थे.. फिर क्या मैंने वापस ऑटो लिया और वापस १०० फीट रोड आकर पैसे निकाला और फिर उसी ऑटो से वापस बस स्टैंड पहुंचा.. अब मुझे टिकट लेना था वापसी का और मैं सोच रहा था की काश टिकट काउंटर पर भीड़ ना हो.. और यही हुआ भी.. टिकट काउंटर पर बिलकुल भीड़ नहीं थी.. देख कर जान में जान आई(पर मुझे पता नहीं था कि क्या होने वाला है मेरे साथ).. बस मेरे आगे 2 लोग ही थे.. ३ मिनट में मेरा नंबर आ गया..टिकट काउंटर पर जो बैठा था उसने मेरी सारी जानकारी फीड कर दिया और टिकट निकालने के लिए उसने कन्फर्म बटन दबा कर मुझसे पैसे ले लिए.. बस अब इंतजार था प्रिंटआउट आने का.. ५ मिनट बीता.. १० मिनट बीता.. १५ मिनट हो गए.. पर कुछ नहीं आया.. उसने फिर से कन्फर्म बटन दबाया.. कुछ आना था नहीं सो नहीं आया.. इंतजार करते-करते ३० मिनट हो चले.. वो बटन दबाता पर कुछ नहीं होता.. बीच में मैंने उससे कहा भी कि फिर से बंद करके शुरू करे पर वो नहीं माना.. खैर इसी तरह करते-करते एक घंटे हो गए.. टाइम १० बजकर ३० मिनट.. बैंगलोर जाने वाली बसें निकलती जा रही थी और मैं लाचार होकर बस देखता जा रहा था.. अब टिकट काउंटर वाले किसी जानकार को बुला रहे थे.. मैं उन्हें अपनी बात समझा भी नहीं सकता था.. तमिल मैं बोल नहीं सकता और इंगलिश उन्हें समझ में नहीं आ रही थी.. अबा समय था ११.०० PM.. किसी तरह मैंने उन्हें फिर से ऍप्लिकेशन को बंद करने और शुरू करने के लिए मना लिया.. और अंततः ११.२० तक मेरा टिकट हाथ में आ गया..लेकिन अब तक लगभग सारी बसें जा चुकी थी.. एक बस खुलने वाली थी.. मैं दौड़ के वहां पहुंचा.. कंडक्टर दिख नहीं रहा था.. तभी एक आदमी ने आवाज़ दिया.. मैं गया उसके पास.. ताबेअत्याप जैसा ही दिख रहा था.. एक कंडक्टर के पास जो होना चाहिए सब थे उसके पास.. खैर! मैंने पुछा आप उस बस के कंडक्टर हो.. उसने कहा हाँ और ये भी की बस एक सीट खाली है, जल्दी करो.. मुझे भी जल्दी थी.. मैंने उसे पैसे दिए और उसने मुझे सीट नंबर ३४ का टिकट दे दिया.. मैं भाग कर बस के अन्दर गया.. लेकिन यह क्या? उस सीट पर कोई और बैठा था.. उसने अपना टिकट दिखाया और उसका भी नंबर ३४ था.. बस लगभग खुल चुकी थी और स्टैंड से निकलने लगी थी.. मैं नीचे उतरा कंडक्टर को खोजने.. वो तो कहीं नहीं मिला इस बस का कंडक्टर मिला.. मैंने उससे कहा की ३४ सीट नंबर पर कोई है जबकि वो मेरी जगह है.. उसने इंतजार करने को कहा...मैं फिर बस के अन्दर चला गया.. बस स्टैंड से निकल चुकी थी और मैं बेवकूफ जैसे बस में खडा था.. कंडक्टर आया.. वो सीट नंबर ३४ के पास गया.. फिर वापस आया.. उसने मुझसे पुछा की ये टिकट मैंने दिया है और मैंने यहाँ झूठ बोला क्योंकि अबतक मैं जान चूका था की मुझे किसी ने मामू बना दिया है.. बस मैंने पूरे आत्मविश्वास से कहा, "हाँ भाई आपसे ही तो लिया है.." बेचारा सोच में पड़ गया.. अंततः उसने मुझे ड्राईवर के ठीक पीछे भैटने का ऑफर किया.. वहां बैठ नहीं सकते थे इसलिए मैंने उससे पैसा वापस के लिए कहा..
क्रमशः...

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